आरडीएसओ में 17 सितंबर से 27 सितंबर, 2024 के बीच हिंदी पखवाड़ा-2024 का आयोजन
आरडीएसओ में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं प्रोत्साहन हेतु 17 सितंबर से 27 सितंबर, 2024 तक हिंदी-पखवाड़ा मनाया गया। श्री उदय बोरवणकर, महानिदेशक/आरडीएसओ ने दिनांक 17.09.2024 को आरडीएसओ के नये ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलित करके राजभाषा-प्रदर्शनी का उद्घघाटन किया। इस प्रदर्शनी में भू-तकनीकी, इंजन विकास, परीक्षण, पुल एवं संरचना, रेलपथ मशीन (इन्फ्रा-।), वित्त, भंडार निदेशालय ने अपने राजभाषा कार्यों को विशिष्ट एवं सुसज्जित रूप में प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ ही कु. सुदीक्षा द्वारा वाणी-वंदना द्वारा हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री जी द्वारा हिंदी दिवस पर दिए गए संदेश का वाचन, राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया। मुख्य राजभाषा अधिकारी ने हिंदी-पखवाड़ा के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उनमें अधिकतम प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के लिए आर.डी.एस.ओ. के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित किया। महानिदेशक महोदय ने अपने उद्घाटन -संबोधन में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राजभाषा नियमों के अनुसार पूर्ण निष्ठा एवं उत्साह के साथ सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया।
इस अवसर पर अपर महानिदेशक श्री ए. एम. रिज़वी, कवयित्री श्रीमती शीला पांडेय तथा संगठन के अन्य कार्मिकों ने कविता पाठ किया एवं पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रचार-प्रसार पर वक्तव्य दिया।
हिंदी-पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत दिनांक 18 सितम्बर से 19 सितम्बर 2024 तक राजभाषा विभाग के हिंदी पुस्तकालय में दो-दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के 10 कर्मचारियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में कार्मिकों को "यूनिकोड इंस्टालेशन तथा ई-ऑफिस में हिंदी में कार्य कैसे करें" के बारे में बताया गया एवं राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी दी गई इस दौरान हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन का अभ्यास भी कराया गया। श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, राजभाषा अधिकारी द्वारा प्रतिभागियों को कार्यशाला प्रतिभागिता हेतु प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये।
इस क्रम में अनुसंधान भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में दिनांक 20.09.2024 को श्री ज्ञानेन्द्र श्रीवास्तव, कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी/मनो-तकनीकी के कुशल निर्देशन में हिंदी स्लोगन प्रतियोगिता एवं शब्दार्थ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 60 कार्मिकों ने भाग लिया। प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा "स्वच्छ भारत: स्वस्थ भारत" की थीम पर 5 सरल, संक्षिप्त एवं प्रभावशाली स्लोगन लिखे गए। तत्पश्चात, शब्दार्थ प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम से कार्यालय में प्रयुक्त होने वाले 'हिंदी से अंग्रेजी एवं अंग्रेजी से हिंदी शब्दों' के अर्थ पूछे गए, जो सरकारी कामकाज की दृष्टि से काफी उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक थे जिसकी प्रतिभागियों ने काफी सराहना की।
अनुसंधान भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में दिनांक 23.09.2024 को श्री रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ. वीणा कुमारी वर्मा ने राष्ट्र कवि श्री ‘दिनकर’ जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साहित्य के माध्यम से देश एवं समाज को उनके द्वारा दिये गए योगदान पर संगठन के कार्मिकों ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए। तत्पश्चात तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें संगठन के तकनीकी रूप से प्रवीण कार्मिकों ने ‘भारतीय रेल में गुणवत्ता का महत्व सर्वोपरि, तथा ‘राष्ट्रीय एकता में हिंदी भाषा और भारतीय रेल की भूमिका’ विषयों पर अपनी तकनीकी प्रस्तुतियां दी।
दिनांक 24.09.2024 को निर्णायक श्री अमित यादव, निदेशक/विद्युत के कुशल निर्देशन में ‘स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत’ तथा ‘स्वच्छ भारत के निर्माण में समाज की भूमिका’ विषय पर हिंदी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 32 कार्मिकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त राजभाषा-प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें कुल 45 कार्मिकों ने भाग लिया।
दिनांक 25.09.2024 को संगठन के महानिदेशक, श्री उदय बोरवणकर की अध्यक्षता में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में महानिदेशक महोदय ने पिछली तिमाही में राजभाषा के प्रचार-प्रसार और राजभाषा में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। आर.डी.एस.ओ. की मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ. वीणा कुमारी वर्मा ने समिति की बैठक में उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए राजभाषा संबंधी क्रियाकलापों एवं उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। इसके साथ ही हिंदी पखवाड़े के दौरान अब तक आयोजित किए गए सभी कार्यक्रमों की एक वीडियो के माध्यम से झलकी भी दिखाई गई । इस अवसर पर राजभाषा अधिकारी, श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा विषयगत तिमाही की राजभाषा से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। श्री जितेंद्र कुमार, निदेशक/कर्षण संस्थापन निदेशालय द्वारा “भारतीय रेलवे में ट्रैक्शन पॉवर सप्लाई की निगरानी और नियंत्रण के लिए स्काडा प्रणाली में साइबर सुरक्षा” विषय पर प्रस्तुति राजभाषा में दी गयी, जिसकी सभी सदस्यों ने सराहना की।
आरडीएसओ में दिनांक 17.09.2024 से मनाए जा रहे हिंदी पखवाड़े का समापन दिनांक 01.10.2004 को हुआ। आरडीएसओ के नए ऑडिटोरियम में आयोजित हिंदी पखवाड़े का समापन एवं पुरस्कार-वितरण समारोह में महानिदेशक, श्री उदय बोरवणकर द्वारा राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता एवं राजभाषा में प्रशंसनीय कार्य करने वाले 86 कार्मिकों को पुरस्कार वितरित किए गए। 'सामूहिक पुरस्कार योजना' के अंतर्गत वर्ष के दौरान सर्वाधिक कार्य राजभाषा में करने हेतु संगठन के अनुसंधान निदेशालय ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, वित्त एवं लेखा निदेशालय को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ एवं विद्युत निदेशालय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिंदी पखवाड़े के दौरान राजभाषा प्रदर्शनी में संगठन के निदेशालयों ने अपने अपने स्टॉल लगाये, जिनमें राजभाषा में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी के मूल्यांकन के आधार पर परीक्षण निदेशालय ने प्रथम, भू-तकनीकी इंजीनियरी निदेशालय ने द्वितीय तथा वित्त एवं लेखा निदेशालय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पुरस्कार-वितरण समारोह में कु. प्रियंका द्वारा सांस्कृतिक-नृत्य तथा लोक-नाट्य दल, पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा श्री रामधारी सिंह 'दिनकर' जी द्वारा रचित खंडकाव्य ‘रश्मिरथी’का नाट्य-मंचन किया गया। अपने नाट्य-कौशल द्वारा युद्ध-भूमि में नैतिकता एंव अनैतिकता के मध्य संघर्ष को जीवंत कर दिए जाने पर महानिदेशक महोदय ने प्रशंसा की तथा कार्यालय के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए नाट्य-मंडली के सभी सदस्यों को बधाई दी। इस अवसर पर उपस्थित कार्मिकों को संबोधित करते हुए महानिदेशक महोदय ने संगठन के सभी कार्मिकों से राजभाषा नियमों के अंतर्गत अधिकाधिक कार्य हिंदी में करने का आह्वान किया। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ० वीणा कुमारी वर्मा ने राजभाषा विभाग के हिंदी स्लोगन प्रतियोगिता, हिंदी निबंध प्रतियोगिता, तकनीकी-संगोष्ठी, साहित्यिक-संगोष्ठी, शब्दार्थ-प्रतियोगिता एवं राजभाषा-प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता जैसे अभिनव प्रयासों को रेखांकित करते हुए सभी को राजभाषा प्रयोग हेतु प्रोत्साहित किया।